अंधेरी रात — निमिलिका
रात घनी थी, बादल छाए,दूर कहीं कुत्ते थे भौंकाए। पेड़ों से गिरती पत्तियाँ,जैसे हों भूतों की बातियाँ। टूटा मकान, चरमराया,दरवाज़ा […]
रात घनी थी, बादल छाए,दूर कहीं कुत्ते थे भौंकाए। पेड़ों से गिरती पत्तियाँ,जैसे हों भूतों की बातियाँ। टूटा मकान, चरमराया,दरवाज़ा […]
रात के 12 बजे का समय था। नेहा अकेली अपने पुराने मकान में पढ़ाई कर रही थी। अचानक बिजली चली
गंगा की पुकार वाराणसी के घाट पर हर शाम की तरह आरती हो रही थी। ढेरों दीपक गंगा की लहरों
डॉ. लक्ष्मी जायसवाल को “विद्या वाचस्पति” डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित पंचतारा होटल रेडिसन ब्लू में
लेखक का नाम: अर्जुन मेहराअर्जुन को बचपन से भूत-प्रेत और रहस्यमयी जगहों पर लिखना पसंद है। खाली समय में वे
लेखिका :लक्ष्मी जायसवाल नेहा को एक रहस्यमयी ईमेल मिला:“अगर तुम्हें सच्चा डर देखना है, तो ‘काली खाई’ जाओ, लेकिन ध्यान
यह घटना उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई थी। तीन लड़के अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे। जब वे
छाया का कमरा मुंबई से दूर महाराष्ट्र के एक पहाड़ी गाँव में एक वीरान बंगला था—’राजवाड़ी हवेली’। लोग कहते थे,
“सिर्फ एक रात है। सुबह निकल जाऊँगा,” राज ने खुद से कहा। वह देर रात मसूरी पहुँचा था और होटल