सन्नाटा – मयंक
सन्नाटा 111 मुंबई के पुराने औद्योगिक इलाके में एक पुराना अपार्टमेंट ब्लॉक था, जिसे लोग “111” कहते थे। इसका नंबर […]
सन्नाटा 111 मुंबई के पुराने औद्योगिक इलाके में एक पुराना अपार्टमेंट ब्लॉक था, जिसे लोग “111” कहते थे। इसका नंबर […]
“रात का दरवाज़ा” शालिनी एक सरकारी स्कूल में टीचर थी।नई जगह पर जॉइन करने के बाद उसे सरकारी क्वार्टर मिला
मकान नम्बर 13 प्रयागराज की एक पुरानी बस्ती में मकान नम्बर 13 वर्षों से खाली पड़ा था। लोगों का मानना
रात का समय था। पहाड़ी पर बने प्राचीन मंदिर में शांति पसरी हुई थी। कहा जाता था कि यहाँ आधी
रायपुर के छोटे से कस्बे में रहने वाली लेखिका नंदिनी रात-रातभर अपनी कहानियाँ लिखती थी। उसे विश्वास था कि डरावनी
रात घनी थी, बादल छाए,दूर कहीं कुत्ते थे भौंकाए। पेड़ों से गिरती पत्तियाँ,जैसे हों भूतों की बातियाँ। टूटा मकान, चरमराया,दरवाज़ा
रात के 12 बजे का समय था। नेहा अकेली अपने पुराने मकान में पढ़ाई कर रही थी। अचानक बिजली चली
गंगा की पुकार वाराणसी के घाट पर हर शाम की तरह आरती हो रही थी। ढेरों दीपक गंगा की लहरों
डॉ. लक्ष्मी जायसवाल को “विद्या वाचस्पति” डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित पंचतारा होटल रेडिसन ब्लू में
लेखक का नाम: अर्जुन मेहराअर्जुन को बचपन से भूत-प्रेत और रहस्यमयी जगहों पर लिखना पसंद है। खाली समय में वे