पलटकर मत देखना
लेखिका :लक्ष्मी जायसवाल नेहा को एक रहस्यमयी ईमेल मिला:“अगर तुम्हें सच्चा डर देखना है, तो ‘काली खाई’ जाओ, लेकिन ध्यान
एक ख़ौफ़नाक रात – Mohd Ali Khan
यह घटना उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई थी। तीन लड़के अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे। जब वे
छाया का कमरा – लक्ष्मी जायसवाल
छाया का कमरा मुंबई से दूर महाराष्ट्र के एक पहाड़ी गाँव में एक वीरान बंगला था—’राजवाड़ी हवेली’। लोग कहते थे,
कमरे नंबर 313 – लक्ष्मी जायसवाल
“सिर्फ एक रात है। सुबह निकल जाऊँगा,” राज ने खुद से कहा। वह देर रात मसूरी पहुँचा था और होटल
वापसी — लक्ष्मी जायसवाल
आरव, दिल्ली का एक महत्वाकांक्षी लेखक था, जो अपनी अगली किताब के लिए एकांत और सच्ची घटनाओं से प्रेरणा चाहता
छाया की पुकार — mahamatsya🐬
छाया की पुकार.. उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव “गुंजनपुर” में एक पुराना हवेली खंडहर पड़ी थी। गाँव वाले कहते
उड़ान 309 – वापसी की कोई गारंटी नहीं —लक्ष्मी जायसवाल
साल 2019। रात के 11:45 पर मुंबई से उड़ान भरने वाली Flight 309 में 178 यात्री और 7 क्रू मेंबर
वापसी उस हवेली की —लक्ष्मी जायसवाल
सुनसान रातें थीं, चाँद था काफ़ी दूर,और हवाओं में कोई पुरानी सिसकी सी घुली थी।मैं लौटी थी उस हवेली में,जहाँ
कोठरी का रहस्य— लक्ष्मी जायसवाल
यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव की है, जहाँ एक पुरानी हवेली वर्षों से वीरान पड़ी थी।







