भूतिया कॉल — लक्ष्मी जायसवाल
साल 2003 में दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक परिवार रहता था – मिश्रा परिवार। परिवार में माता-पिता और […]
साल 2003 में दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक परिवार रहता था – मिश्रा परिवार। परिवार में माता-पिता और […]
नरक की खिड़की —लक्ष्मी जायसवाल सन् 2014, मुंबई के मलाड इलाके में एक पुरानी इमारत थी — राजवाड़ी अपार्टमेंट। इस
गाँव सोंधीपुर की सीमा पर एक पुराना, टूटा-फूटा हवेलीनुमा घर था, जिसे सब “झाड़ियों वाला बंगला” कहते थे। कहते हैं,
—✒️ mahamatsya उत्तराखंड के एक दूर-दराज गाँव में एक पुरानी, उजड़ी हुई हवेली थी, काली हवेली। कहते हैं वहाँ रात
शाम के धुंधलके में वह पुराना तालाब अजीब-सा चमक रहा था। गाँव के लोग कहते थे कि वहाँ कुछ है,
—✒️लक्ष्मी जायसवाल मुंबई शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर एक गाँव है देवखोरी। यह गाँव तो शांत और सुंदर था,
— ✒️लक्ष्मी जायसवाल शहर के सबसे पुराने अस्पताल के पीछे एक छोटा-सा मुर्दाघर था। यह इमारत इतनी पुरानी थी कि
_लक्ष्मी जायसवाल गाँव के एक सिरे पर एक पुराना हवेलीनुमा घर था—सफ़ेद दीवारों पर समय की काई जमी हुई थी,
_लक्ष्मी जायसवाल सालों पहले की बात है। सर्दियों की एक रात थी, जब राघव दिल्ली से लखनऊ जाने वाली आखिरी
_लक्ष्मी जायसवाल रात के ठीक 12 बजे रवि अपने कैमरे के साथ ‘शमशानपुर जंक्शन’ पहुँचा। यह स्टेशन 25 साल पहले