पलटकर मत देखना
लेखिका :लक्ष्मी जायसवाल नेहा को एक रहस्यमयी ईमेल मिला:“अगर तुम्हें सच्चा डर देखना है, तो ‘काली खाई’ जाओ, लेकिन ध्यान […]
लेखिका :लक्ष्मी जायसवाल नेहा को एक रहस्यमयी ईमेल मिला:“अगर तुम्हें सच्चा डर देखना है, तो ‘काली खाई’ जाओ, लेकिन ध्यान […]
यह घटना उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई थी। तीन लड़के अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे। जब वे
छाया का कमरा मुंबई से दूर महाराष्ट्र के एक पहाड़ी गाँव में एक वीरान बंगला था—’राजवाड़ी हवेली’। लोग कहते थे,
“सिर्फ एक रात है। सुबह निकल जाऊँगा,” राज ने खुद से कहा। वह देर रात मसूरी पहुँचा था और होटल
आरव, दिल्ली का एक महत्वाकांक्षी लेखक था, जो अपनी अगली किताब के लिए एकांत और सच्ची घटनाओं से प्रेरणा चाहता
छाया की पुकार.. उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव “गुंजनपुर” में एक पुराना हवेली खंडहर पड़ी थी। गाँव वाले कहते
साल 2019। रात के 11:45 पर मुंबई से उड़ान भरने वाली Flight 309 में 178 यात्री और 7 क्रू मेंबर
सुनसान रातें थीं, चाँद था काफ़ी दूर,और हवाओं में कोई पुरानी सिसकी सी घुली थी।मैं लौटी थी उस हवेली में,जहाँ
यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव की है, जहाँ एक पुरानी हवेली वर्षों से वीरान पड़ी थी।
साल 1994 में दिल्ली के मेहरौली इलाके में एक पुराने और उजड़े से बंगले के पास कुछ मजदूर काम कर