Author name: laxmijaiswal6260@gmail.com

Horror Poem

छाया

—लक्ष्मी जायसवाल आधी रात को बजती घड़ी,हर साया लगता अनदेखी छड़ी। बत्ती जले तो बुझ जाए,पीछे कोई सांसें गिन जाए। […]

Contest & Event

“भूतिया लेखनी के मास्टर बनें!” डरावनी कहानी और कविता प्रतियोगिता प्रतियोगिता श्रेणियाँ: 10 डरावनी कहानी (500 शब्दों तक) 10 डरावनी

Blog

श्मशान की राख

—लक्ष्मी जायसवाल कहते हैं प्रेम स्वर्ग बनाता है, और विश्वासघात नर्क का द्वार खोलता है। पर अगर प्रेम ही नर्क

Scroll to Top