आखिरी प्लेटफार्म – भावेश पटेल
कहा जाता है कि हर रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म होता है,जो नक़्शे में नहीं दिखता…जो सिर्फ़ उसी इंसान […]
कहा जाता है कि हर रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म होता है,जो नक़्शे में नहीं दिखता…जो सिर्फ़ उसी इंसान […]
तीन दिन से लगातार बारिश हो रही थी।गाड़ी के टायर गीली सड़क पर फिसलते हुए आगे बढ़ रहे थे और
तीसरी मंजिल का पहरेदार (The Guardian of the 3rd Floor) रोहित को पैसों की सख्त जरूरत थी, इसलिए उसने शहर
https://drive.google.com/file/d/10lPsE604xfGKiR8cmUdOK36oqSZFIQrf/view?usp=drivesdk
सन्नाटा 111 मुंबई के पुराने औद्योगिक इलाके में एक पुराना अपार्टमेंट ब्लॉक था, जिसे लोग “111” कहते थे। इसका नंबर
“रात का दरवाज़ा” शालिनी एक सरकारी स्कूल में टीचर थी।नई जगह पर जॉइन करने के बाद उसे सरकारी क्वार्टर मिला
नाम है मेरा माया – सिद्धिकी रुखसाना नाम है मेरा माया,मैं हूं दुसरे दुनियां की छाया ,जी हां नाम हैं
They told stories in Eldergrove about the Harvest Man. Every autumn, when the leaves turned brittle and the air tasted