मुर्दाघर की खिड़की
— ✒️लक्ष्मी जायसवाल शहर के सबसे पुराने अस्पताल के पीछे एक छोटा-सा मुर्दाघर था। यह इमारत इतनी पुरानी थी कि […]
— ✒️लक्ष्मी जायसवाल शहर के सबसे पुराने अस्पताल के पीछे एक छोटा-सा मुर्दाघर था। यह इमारत इतनी पुरानी थी कि […]
_लक्ष्मी जायसवाल पीपल की छाँव तले मत जाना,बूढ़े लोग बार-बार समझाते थे।वो कहते—दिन में पेड़, रात में क़ैदखाना,जहाँ साया नहीं,
_लक्ष्मी जायसवाल गाँव के एक सिरे पर एक पुराना हवेलीनुमा घर था—सफ़ेद दीवारों पर समय की काई जमी हुई थी,
_लक्ष्मी जायसवाल सालों पहले की बात है। सर्दियों की एक रात थी, जब राघव दिल्ली से लखनऊ जाने वाली आखिरी
_लक्ष्मी जायसवाल रात के ठीक 12 बजे रवि अपने कैमरे के साथ ‘शमशानपुर जंक्शन’ पहुँचा। यह स्टेशन 25 साल पहले
__लक्ष्मी जायसवाल उत्तर प्रदेश के भैरवपुर गाँव की गिनती भले ही आम गाँवों में होती हो, लेकिन यहाँ की एक
—लक्ष्मी जायसवाल रात के ठीक बारह बजे, जब पूरा गाँव गहरी नींद में सोया हुआ था, लक्ष्मी अपने गाँव करेली
—लक्ष्मी जायसवाल उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव भेरवा में एक पुराना खेत था जिसे गांववाले “शापित खेत” कहते